ब्रेकिंग न्यूज़: सुअर पकड़ने बिछाया था करंट, छुपकर जा रहे प्रवासी मजदूर की मौत
करंट लगते ही 5 साल की बच्ची को पिता ने दूर फेंक दिया और उसकी जान बच गई । उसके साथ उसकी पत्नी सुमित्रा व गांव का लक्ष्मी नारायण उसकी पत्नी दिलवाई धनवार भी थे। मृत अवस्था में एक सुअर की भी मिला हैहमरNews:
कोरबा, 21 Jun 2020
परिवार समेत इलाहाबाद से वापस लौटे एक प्रवासी मजदूर को प्रशासनिक लापरवाही की वजह से अपनी जान गवानी पड़ी है। किसी तरह उत्तर प्रदेश से यहां तक पहुंचे दिलहरण धनवार क्वारंटाइन होने यहां-वहां भटकता रहा। अफसरों ने जब इनकी सुध नहीं ली तो देर रात को लुकछिप कर घर पहुंचने जंगल के रास्ते निकल पड़े। घर से ठीक आधा किलोमीटर पहले कुरिहा पार भैसामुड़ा के पास जंगली सूअर मारने बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में दिल हरण आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। एक 5 साल की मासूम बच्ची भी गोद में थी ।करंट लगते ही 5 साल की बच्ची को पिता ने दूर फेंक दिया और उसकी जान बच गई । उसके साथ उसकी पत्नी सुमित्रा व गांव का लक्ष्मी नारायण उसकी पत्नी दिलवाई धनवार भी थे। मृत अवस्था में एक सुअर की भी मिला है।
छुप कर घर जाने को मजबूर
ठेकेदार ने बस बुक कर ईट भट्टे के मजदूरों को बिलासपुर तक भेजा। वहां से ऑटोरिक्शा में शनिवार को सुबह 7 बजे कनकी पहुंचे। यहां बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने ऑटो को रोक लिया और एक पिकअप चालक को तरदा क्वॉरेंटाइन सेंटर भेजने की जिम्मेदारी सौप पल्ला झाड़ लिया।
उधर तरदा पहुंचने पर मजदूरों को पता चला कि अभी यहां स्कूल भवन में क्वालिटी सेंटर प्रारंभ नहीं हुआ है । कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्या करें। कहां जाएं। उधर सरपंच ने भी कह दिया था कि उन्हें गांव नहीं आना है क्वारंटाइन सेंटर में ही रहना है। यही वजह है कि देर रात को चुपचाप जंगल के रास्ते से घर पहुंचने की कोशिश प्रवासी मजदूर कर रहे थे।
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