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PM Kisan Samman Nidhi Yojana, Kisan Credit Card खेती-बाड़ी के काम के लिए लोन लिया है उन्हें 31 अगस्त तक इसका भुगतान करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना होगा।
प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया करवाए जाते हैं। यह केंद्र सरकार की किसानों को समर्पित एक कल्याणकारी योजना है। इसकी शुरुआत 1998 में की गई थी। किसान क्रेडिट कार्ड बैंक जारी करते हैं। इस कार्ड के जरिए किसानों को बेहद ही सस्ती दर पर लोन मिल जाता है।
इस बीच जिन किसानों ने खेती-बाड़ी के काम के लिए इसके जरिए लोन लिया है उन्हें 31 अगस्त तक इसका भुगतान करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना होगा। अगर किसान इस डेट तक लोन का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें चार फीसदी की जगह 7 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।
वैसे तो 9 फीसदी की दर पर लोन मिलता है, लेकिन सरकार इसपर 2 फीसदी की सब्सिडी देती है। इस लिहाज से यह 7 फीसदी हो जाता है। वहीं अगर किसान इस लोन को समय पर लौटा देता है तो उसे 3 फीसदी की और छूट मिल जाती है। यानी कि किसान को सिर्फ 4 फीसदी की दर से ब्याजा चुकाना पड़ता है।
खेती से जुड़ा कोई भी व्यक्ति चाहे वह अपने खेत में खेती करता हो या किसी और की जमीन पर काम कर रहा हो, वह केसीसी बनवा सकता है।
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PM Kisan Samman Nidhi Yojana, Kisan Credit Card खेती-बाड़ी के काम के लिए लोन लिया है उन्हें 31 अगस्त तक इसका भुगतान करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना होगा।
प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड मुहैया करवाए जाते हैं। यह केंद्र सरकार की किसानों को समर्पित एक कल्याणकारी योजना है। इसकी शुरुआत 1998 में की गई थी। किसान क्रेडिट कार्ड बैंक जारी करते हैं। इस कार्ड के जरिए किसानों को बेहद ही सस्ती दर पर लोन मिल जाता है।
इसके जरिए करोड़ों किसानों ने चार फीसदी की ब्याज दर पर कर्ज लिया है।
इस बीच जिन किसानों ने खेती-बाड़ी के काम के लिए इसके जरिए लोन लिया है उन्हें 31 अगस्त तक इसका भुगतान करना होगा। ऐसा न करने पर उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना होगा। अगर किसान इस डेट तक लोन का भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें चार फीसदी की जगह 7 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।
वैसे तो 9 फीसदी की दर पर लोन मिलता है, लेकिन सरकार इसपर 2 फीसदी की सब्सिडी देती है। इस लिहाज से यह 7 फीसदी हो जाता है। वहीं अगर किसान इस लोन को समय पर लौटा देता है तो उसे 3 फीसदी की और छूट मिल जाती है। यानी कि किसान को सिर्फ 4 फीसदी की दर से ब्याजा चुकाना पड़ता है।
सरकार समय से कर्ज चुकाने वाले किसानों को ही ब्याज सब्सिडी का फायदा देती है।
बता दें कि इस योजना को शुरू करने का मकसद किसानों को खेती से जुड़ी चीजों जैसे-खाद, बीज, कीटनाशक इत्यादि की खरीद करने के लिए लिए कर्ज मुहैय कराना है।खेती से जुड़ा कोई भी व्यक्ति चाहे वह अपने खेत में खेती करता हो या किसी और की जमीन पर काम कर रहा हो, वह केसीसी बनवा सकता है।
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