बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ सरकार
का बड़ा एलान, 30 हजार तक की
सब्सिडी सोलर प्लांट लगाने पर
- 1. सोलर प्लांट लगाने को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा एलान
- 2. सोलर प्लांट लगाने पर मिलेगी 30 हजार तक की सब्सिडी
- 3. दो सालों में 1.30 लाख सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य
प्रदेश में सोलर रूफटाप संयंत्र लगाने
पर उपभोक्ताओं को केंद्र के अलावा राज्य सरकार की ओर से भी सब्सिडी दी जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से एक किलोवॉट का सोलर संयंत्र लगाने पर 15 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जबकि केंद्र से 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। तीन किलोवाट या उससे अधिक के
प्लांट पर राज्य की ओर से 30 हजार तथा केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। सोलर संयंत्र की क्षमता (एक, दो,
तीन किलोवाट और इससे अधिक) के आधार पर
यह राशि अलग-अलग होगी।
Chhattisgarh Solar Subsidy Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत बड़ा एलान किया है। इसके अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर प्लांट लगाने पर 30 हजार तक की सब्सिडी मिल सकती है। सोलर प्लांट की क्षमता के आधार पर यह राशि अलग-अलग होगी
हाउसिंग सोसाइटी और रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन को भी इसी तरह की
सब्सिडी दी जाएगी। प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को
आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर
डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर
मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत घरों की छतों पर सोलर रूफटाप प्लांट की स्थापना में
राज्य शासन की ओर से उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता देने का फैसला लिया है।
राज्य सरकार ने साल 2047 तक राज्य की दो-तिहाई ऊर्जा जरूरतें
नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में
राज्य की कुल ऊर्जा खपत लगभग 32 हजार मिलियन यूनिट है, जिसमें 16 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा से प्राप्त होती
है।
दो
सालों में 1.30 लाख
संयंत्र स्थापना का लक्ष्य
राज्य सरकार की ओर से दो सालों में 1.30 लाख संयंत्र स्थापित
करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें साल 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 संयंत्र शामिल हैं। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ और 2026-27 में 210 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी की अग्रिम राशि सीएसपीडीसीएल को दी
जाएगी, जो लाभार्थियों को वितरित की जाएगी। सीएसपीडीसीएल योजना की
कार्यान्वयन एजेंसी रहेगी और इसे नवीन एवं नवीकरणीय केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय
(एमएनआरई) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू करेगी।
कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा।
राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी, जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है।



No comments:
Post a Comment