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| बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के लोहराटंड गांव |
बलरामपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ विकासखंड के लोहराटंड गांव में बुनियादी ढांचे की बदहाली का एक और उदाहरण सामने आया है। यहां एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर खराब सड़क और कीचड़ से भरे रास्तों के कारण ट्रैक्टर से अस्पताल ले जाना पड़ा। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
घटना का विवरण
गांव में रहने वाली 26 वर्षीय महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किया, लेकिन खराब सड़क की वजह से एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी। मजबूर होकर परिजनों और पड़ोसियों ने महिला को ट्रैक्टर पर बिठाया और करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचाया। रास्ते में गड्ढों और पानी भरे कीचड़ से गुजरना पड़ा, जिससे महिला की स्थिति और गंभीर हो गई।
स्थानीय लोगों का दर्द
गांव के निवासियों का कहना है कि सड़क की मरम्मत की मांग वे कई वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन चुनावी वादों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में यह कच्चा रास्ता दलदल में बदल जाता है और यहां तक कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की जान को खतरा बढ़ जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में समय पर अस्पताल पहुँच पाने में 30% मामलों में कठिनाई आती है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन ने सड़क की मरम्मत जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बरसात खत्म होते ही पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, कठिन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट और मोटरसाइकिल एम्बुलेंस की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे की चुनौती
यह घटना केवल एक गांव की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे राज्य के कई इलाकों की हकीकत बयां करती है। स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी न केवल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
यह घटना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक चेतावनी है कि समय रहते ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसी की जान सिर्फ खराब सड़क के कारण जोखिम में न पड़े।



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