छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का कहर: दो लोगों की मौत, CRPF जवान घायल
छत्तीसगढ़ में मानसून के मौसम के बीच आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी है। ताज़ा घटनाओं में रायपुर और सुकमा जिले में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि गश्त पर निकला एक CRPF जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। मौसम विभाग पहले ही राज्य में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी कर चुका था, बावजूद इसके कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
रायपुर जिले में दो मौतें
पहला हादसा राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में हुआ। सेंट जोसेफ स्कूल के मैदान में खेल रहे कक्षा 10वीं के छात्र प्रभात साहू (16 वर्ष) पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय आसमान में बादल छाए हुए थे और अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से प्रभात जमीन पर गिर पड़ा। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना रायपुर जिले के अभनपुर विधानसभा क्षेत्र, मुजगहन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिवनी गांव की है। यहां खेत से लौट रही खम्महन भारती (17 वर्ष) अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। वह गंभीर रूप से झुलस गई और मौके पर ही गिर पड़ी। परिजन और ग्रामीण उसे अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इन दोनों घटनाओं से क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा और सुरक्षा उपायों की मांग की है।
सुकमा में CRPF जवान घायल
तीसरी घटना सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र, नरसापुरम इलाके में हुई। यहां गश्त पर निकले CRPF जवान साधन राय पर अचानक बिजली गिर गई। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें बचाया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जवानों को अक्सर जंगलों और खुले इलाकों में गश्त करनी पड़ती है। ऐसे में वे आकाशीय बिजली जैसे खतरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील रहते हैं।
प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी
जिला प्रशासन ने घटनाओं पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, घायल जवान के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आगामी दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि लोग बारिश और गर्जन-चमक के दौरान खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, बिजली गिरने के दौरान कुछ सावधानियां बरतकर जान बचाई जा सकती है:
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बारिश और गर्जन सुनाई देने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
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खेत, खुले मैदान और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
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मोबाइल फोन और धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें।
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घर में रहते समय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद कर दें।
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गांवों में बिजली से बचाव के लिए लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
हर साल सैकड़ों जानें जाती हैं
छत्तीसगढ़ में हर साल आकाशीय बिजली से सैकड़ों लोग प्रभावित होते हैं। खासकर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है। खेतों में काम करने वाले किसान और गश्त पर निकले सुरक्षा बल अक्सर इसकी चपेट में आ जाते हैं।
2019 से 2024 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में हर साल औसतन 250 से अधिक लोगों की मौत आकाशीय बिजली गिरने से होती है। सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन अब भी ग्रामीण इलाकों में लोगों तक चेतावनी की जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती।
रायपुर और सुकमा की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
आकाशीय बिजली को रोकना संभव नहीं है, लेकिन सतर्कता और आधुनिक तकनीक की मदद से मौतों की संख्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अब जरूरत है कि सरकार गांव-गांव तक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करे और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने के उपाय सिखाए।

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