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Wednesday, September 3, 2025

सुकमा में 20 नक्सलियों का आत्मसमर्पण – छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर बड़ा झटका

सुकमा में 20 नक्सलियों का आत्मसमर्पण – छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर बड़ा झटका


हमरNews | 3 सितंबर 2025

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुकमा जिले से आज, 3 सितंबर 2025, एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। कुल 20 नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें 9 महिलाएँ भी शामिल हैं और 11 नक्सलियों पर कुल मिलाकर लगभग ₹33 लाख का इनाम घोषित था। यह घटना नक्सलवाद की विचारधारा से मोहभंग और सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाती है।




आत्मसमर्पण की पूरी घटना

यह आत्मसमर्पण सुकमा जिला मुख्यालय में हुआ, जहाँ बस्तर रेंज के आईजी (IG) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे कुख्यात नक्सली शामिल हैं जो लंबे समय से पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे।

नक्सलियों ने अपने बयान में कहा कि वे लगातार हिंसा, अत्याचार और विचारधारा की असफलता से निराश हो चुके थे। साथ ही, सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।





इन नक्सलियों का रिकॉर्ड

आत्मसमर्पण करने वाले 20 नक्सलियों में से 11 के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज थे।

  • इनमें हत्या, अपहरण और विस्फोट जैसी घटनाएँ शामिल हैं।

  • उन पर कुल मिलाकर ₹33 लाख का इनाम था।

  • कई नक्सली लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और स्थानीय युवाओं को नक्सलवाद की ओर आकर्षित करने का प्रयास करते थे।




सरकार की पुनर्वास नीति का असर

छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में पुनर्वास और विकास योजनाएँ शुरू की हैं।

  • आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद, आवास और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।

  • पुनर्वास नीति के तहत उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास होगा ताकि वे फिर कभी हथियार न उठाएँ।




मुख्यमंत्री और पुलिस का बयान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस आत्मसमर्पण को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य में नक्सलवाद की जड़ें लगातार कमजोर हो रही हैं।
पुलिस अधिकारियों ने भी इसे ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ और सुरक्षा अभियानों की सफलता बताया है।





नक्सलवाद पर बड़ा झटका

सुकमा और आसपास के इलाकों में नक्सलवाद लंबे समय से एक बड़ी समस्या रहा है। लेकिन हाल के महीनों में लगातार आत्मसमर्पण और एनकाउंटर से नक्सली संगठन कमजोर होते जा रहे हैं।
यह आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर एक साथ नक्सलियों का हथियार डालना दुर्लभ है।





स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

गांव के लोग इस घटना को राहत की नजर से देख रहे हैं। उनका कहना है कि नक्सली हिंसा से क्षेत्र का विकास रुक गया था, लेकिन अब शांति लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।




हमरNews की राय

हमरNews मानता है कि यह आत्मसमर्पण केवल नक्सलवाद के खिलाफ जीत नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में शांति, विकास और शिक्षा की ओर एक बड़ा कदम है। अगर सरकार इसी तरह योजनाएँ लागू करती रही, तो आने वाले समय में बस्तर पूरी तरह नक्सलमुक्त हो सकता है।


 

3 सितंबर 2025 का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। 20 नक्सलियों का आत्मसमर्पण न सिर्फ सुरक्षा बलों की मेहनत का नतीजा है, बल्कि यह संकेत है कि अब नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं। आने वाले दिनों में सरकार और समाज की संयुक्त पहल से बस्तर और सुकमा जैसे इलाके शांति और विकास की राह पर तेजी से बढ़ेंगे।




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