हमरNews:
कोरोना संक्रमण के दौरान निजी स्कूलों की मनमानी फीस (Private Schools taking Fess) वसूली को लेकर राज्य सरकार (Chhattisgarh Government) सख्त हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश और पालकों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने लॉकडाउन की अवधि में निजी स्कूल द्वारा वसूली गई फीस की जानकारी मांगी है। इसके लिए संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है 9 जुलाई को उच्च न्यायालय की ओर जारी निर्देशों का अक्षरश: पालन करना है। इसलिए राज्य शासन द्वारा निजी स्कूलों में विद्यार्थियों से ली जा रही फीस के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों से तीन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। हालांकि पत्र में जानकारी देने की समय अवधि तय नहीं की गई है।
वर्तमान में बहुत से जिलों में लॉकडाउन लागू है।
ऐसे में जानकारी एकत्र करने में विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। मालूम हो कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कुछ स्कूल संचालकों दूसरे मदो के शुल्क को ट्यूशन फीस बताकर पालकों से अधिक पैसे लिए थे। इसकी शिकायत राज्य और जिला स्तर पर भी हुई थी। कुछ स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने भी प्रदर्शन किया था।पालकों ने इस मामले में राज्य सरकार से हस्ताक्षेप की मांग भी की थी।
इन बिंदुओं पर मांगी जानकारी - 2019-20 में निजी शालाओं द्वारा लॉकडाउन से पूर्व किन-किन मदों में कितनी फीस छात्रों से ली जा रही थी। - हाईकोर्ट की तरफ से पारित 9 जुलाई 2020 के उपरांत निजी शालाओं द्वारा किन-किन मदों में कितना शुल्क लिया जा रहा है। - उन छात्रों की सूची जिन्हें निजी शालाओं के द्वारा फीस जमा नहीं करने पर आनलाइन क्लास से वंचित किया जा रहा है अथवा टीसी दिया गया है।
हमरNews


No comments:
Post a Comment