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Tuesday, September 22, 2020

बड़ी खबर: OBC का 27 प्रतिशत आरक्षण बचाने राशन कार्ड आंकड़ों को आधार बनाएगी सरकार

बड़ी खबर: OBC का 27 प्रतिशत आरक्षण बचाने राशन कार्ड आंकड़ों को आधार बनाएगी सरकार

हमरNews:
अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग का आरक्षण बचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार राशनकार्ड के आंकड़ों को आधार बनाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रविवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी गई। तय हुआ, आंकड़ों को अद्यतन करने के लिए प्रचलित राशनकार्डों की सूची को सार्वजनिक कर ग्राम सभा और शहरों में वार्ड सभाओं से अनुमोदित कराया जाएगा। छूटे हुए लोगों का राशनकार्ड बनाने के लिए नए सिरे से आवेदन लिए जाएंगे। अपात्रों का नाम काटा जाएगा।

खाद्य विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह ने बताया, करीब 99 प्रतिशत राशनकार्ड आधार लिंक हैं। 

वर्तमान में 66 लाख 73 हजार 133 राशनकार्ड प्रचलित हैं। इनकी कुल सदस्य संख्या 2 करोड़ 47 लाख 70 हजार 566 है। इनमें से 31 लाख 52 हजार 325 राशनकार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों के हैं। इनकी सदस्य संख्या एक करोड़ 18 लाख 26 हजार 787 है। यह कुल लाभार्थियों का 47.75 प्रतिशत है। वहीं सामान्य वर्ग के राशनकार्डों की संख्या 5 लाख 89 हजार है। इनमें 20 लाख 25 हजार 42 है सदस्य हैं।

यह राशनकार्डधारियों की संख्या का 8.18 प्रतिशत है। 


उन्होंने बताया, यह डाटाबेस 2003 से लेकर अब तक शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय-समय पर राशनकार्ड बनाने एवं उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया के तहत एकत्र किया गया है। यह विश्वसनीय है। इसको आधार मानते हुए यदि छूटे हुए परिवारों का आंकड़ा इसमें शामिल कर लिया जाए, तो राज्य का अद्यतन वर्गवार आंकड़ा तैयार हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने पटेल आयोग की देखरेख में इसके लिए शीघ्र दिशानिर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।

उच्च न्यायालय में साबित करना है 


औचित्य राज्य सरकार ने पिछले वर्ष अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया था। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्गों के लिए भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। उच्च न्यायालय ने इसपर रोक लगाते हुए सरकार को आरक्षण का आधार बताने को कहा। इसके लिए विश्वसनीय मात्रात्मक आंकड़ों की जरूरत थी। इसके लिए 11 सितम्बर 2029 को छबिलाल पटेल आयोग का गठन हुआ।
हमरNews

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