हमरNews:
दसवीं-बारहवीं बोर्ड में इस बार छात्रों को बोनस नंबर मिलना मुश्किल है। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले कई महीनों से गतिविधियों पर रोक लगी है। इसलिए इस बार यह नंबर नहीं मिलेगा। एनसीसी, एनएसएस, खेलकूद समेत अन्य कैटेगरी में छात्रों को बोनस अंक के रूप में 10 से 20 नंबर तक मिलते रहे हैं। इन्हीं नंबरों से पिछली बार भी कई छात्र टॉप-10 की मेरिट में जगह बनाने में कामयाब हुए थे। लेकिन इस बार ऐसी स्थिति बनने की संभावना बहुत कम है।
शिक्षाविदों का कहना है कि पिछले साल मार्च के बाद से स्कूल बंद हैं।
इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन भी नहीं है। छात्रों को बोनस अंक की पात्रता के लिए कोई सटिर्फिकेट नहीं मिला। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस बार छात्रों को बोनस अंक नहीं मिलेगा। पिछली बार दसवीं में 1777 और बारहवीं में 1721 छात्रों को बोनस अंक मिला था। इसके अलावा बारहवीं व्यावसायिक में भी 9 छात्रों को इसका फायदा मिला था।
कुछ साल पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं-बारहवीं के छात्रों को बोनस नंबर देने का प्रावधान किया। बोनस नंबर देने के पीछे मंशा यह थी कि खेल, एनसीसी, एनएसएस समेत अन्य से जुड़े कई छात्र विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने की वजह से पढ़ाई पर अच्छे से ध्यान नहीं दे पाते। इसलिए उनके लिए बोनस अंक का प्रावधान किया गया। पिछले कुछ बरसों में हर साल 3 हजार से अधिक छात्र बोनस नंबर का लाभ लेते हैं।
बोनस अंक के संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों का कहना है कि हमें बोनस अंक के लिए सूची लोक शिक्षण संचालनालय से प्राप्त होती है। इसके अनुसार ही कार्रवाई की जाती है। इस बार लिस्ट नहीं आएगी तो बोनस नंबर नहीं मिलेगा।
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