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Friday, August 1, 2025

छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार धीमी, अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश के आसार

 

छत्तीसगढ़ में जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में मानसून ने जोरदार दस्तक दी थी, लेकिन अब इसकी रफ्तार काफी सुस्त हो गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं के बराबर हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश के आसार हैं लेकिन कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है।

छत्तीसगढ़ में धीमी पड़ी मानसून की रफ्तार, अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश की संभावना


छत्तीसगढ़ में जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में मानसून ने जोरदार दस्तक दी थी, लेकिन अब इसकी रफ्तार काफी सुस्त हो गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं के बराबर हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश के आसार हैं लेकिन कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है।



📍 किस हिस्से में कितना असर?

राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, अंबिकापुर, और महासमुंद जिलों में कई दिनों से तेज़ बारिश नहीं हुई। वहीं, सरगुजा और बस्तर संभाग में कभी-कभी हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक सिर्फ छिटपुट बारिश की ही संभावना है।




🌦️ मानसून का कमजोर होना – कारण

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम विकसित नहीं हो रहा है, जिससे मानसून की रफ्तार कमजोर बनी हुई है। जुलाई के अंत तक मानसून छत्तीसगढ़ में सामान्य से कम सक्रिय रहा है। अगस्त के पहले सप्ताह में भी यही स्थिति बनी रह सकती है।




💧 खेती पर असर

राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मानसूनी बारिश पर अत्यधिक निर्भर है। अब तक कई जिलों में धान की रोपाई नहीं हो सकी है। कुछ जगहों पर बिचड़ा तैयार है, लेकिन मिट्टी में पर्याप्त नमी न होने से रोपाई नहीं हो पा रही है। किसान चिंतित हैं कि यदि 7-10 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल की उत्पादकता पर असर पड़ सकता है।




🌡️ तापमान में वृद्धि

बारिश की कमी के चलते तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। दोपहर के समय गर्मी महसूस की जा रही है, और धूप के साथ उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।




🌱 किसानों की परेशानी

  • कई क्षेत्रों में खेतों में दरारें पड़ गई हैं।
  • पंपसेट से सिंचाई करना महंगा साबित हो रहा है।
  • जिन किसानों ने पहले ही रोपाई कर दी है, उन्हें पौधों के सूखने का डर सता रहा है।


छत्तीसगढ़ में जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में मानसून ने जोरदार दस्तक दी थी, लेकिन अब इसकी रफ्तार काफी सुस्त हो गई है। राज्य के अधिकांश जिलों में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं के बराबर हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 5 दिनों तक हल्की बारिश के आसार हैं लेकिन कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है।



📊 जलाशयों की स्थिति

राज्य के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर सामान्य से कम है। कोडार, मड़वा, और सिकासेर जैसे जलाशयों में पानी भरा तो है, लेकिन अभी पर्याप्त मात्रा में नहीं। यदि अगस्त में बारिश सामान्य नहीं हुई तो आने वाले महीनों में पेयजल और सिंचाई दोनों संकटों का सामना करना पड़ सकता है।




🌧️ IMD का पूर्वानुमान: अगले 5 दिन

तारीख संभावित मौसम
1 अगस्त बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश
2 अगस्त गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें
3 अगस्त बादल युक्त मौसम, हल्की वर्षा की संभावना
4 अगस्त आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
5 अगस्त बूंदाबांदी संभव, गर्मी बनी रहेगी




📢 प्रशासन की तैयारी

राज्य के कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल चक्र को ध्यान में रखते हुए ही बोवाई करें। मौसम की स्थिति के अनुसार वैकल्पिक फसलों पर भी विचार किया जा सकता है। जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि सूखा संभावित इलाकों की निगरानी की जाए।




🌾 किसानों के लिए सुझाव

  • फसल रोपाई के पूर्व मिट्टी की नमी की जांच करें।
  • जल संचयन और बूंद-बूंद सिंचाई तकनीकों का उपयोग करें।
  • पौधों की देखभाल नियमित रूप से करें, विशेषकर धूप के समय।
  • कृषि विशेषज्ञों और मौसम विज्ञान केंद्र से सलाह लेते रहें।




📌 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में मानसून की कमजोर चाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन

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