छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार 2025 – अब तक का सबसे बड़ा कैबिनेट, सभी मंत्रियों और विभागों की पूरी जानकारी
रायपुर, 20 अगस्त 2025:
छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज इतिहास रच गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने कार्यकाल का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया। इस विस्तार के साथ राज्य की कैबिनेट अब 14 सदस्यों की हो गई है, जो कि संवैधानिक सीमा (विधानसभा सदस्यों का 15%) तक पहुँची है। राज्य के गठन (2000) के बाद पहली बार इतना बड़ा मंत्रिमंडल बना है।
📌 विस्तार की मुख्य बातें
- कुल मंत्री: 14 (मुख्यमंत्री सहित)
- उप मुख्यमंत्री: अरुण साव और विजय शर्मा
- तीन नए चेहरे: गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल
- क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन साधने की कोशिश
- पहली बार शिक्षा विभाग को अलग-अलग (स्कूल और उच्च शिक्षा) बांटा गया
📋 सभी मंत्री और उनके विभाग
| क्रम | मंत्री का नाम | विभाग |
|---|---|---|
| 1 | विष्णु देव साय (मुख्यमंत्री) | सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, जल संसाधन, विमानन, सुशासन एवं अभिसरण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, जन शिकायत और अन्य अप्रयुक्त विभाग |
| 2 | अरुण साव (उप मुख्यमंत्री) | लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन, खेल एवं युवा कल्याण |
| 3 | विजय शर्मा (उप मुख्यमंत्री) | गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
| 4 | राम विचार नेताम | आदिम जाति विकास, कृषि विकास, मछली पालन, पशुधन विकास |
| 5 | दयाल दास बघेल | खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण |
| 6 | केदार कश्यप | वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता, संसदीय कार्य |
| 7 | लखन लाल देवांगन | वाणिज्य व उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी, श्रम |
| 8 | श्याम बिहारी जायसवाल | लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्रीय कार्यक्रम |
| 9 | ओ. पी. चौधरी | वित्त, वाणिज्यिक कर (आबकारी को छोड़कर), आवास एवं पर्यावरण, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी |
| 10 | लक्ष्मी राजवाड़े | महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण |
| 11 | टंकराम वर्मा | राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा |
| 12 | गजेन्द्र यादव (नए) | स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य |
| 13 | गुरु खुशवंत साहेब (नए) | कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास |
| 14 | राजेश अग्रवाल (नए) | पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व |
📌 राजनीतिक समीकरण और संतुलन
भाजपा ने इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन पर खास ध्यान दिया है। ओबीसी, अनुसूचित जाति और आदिवासी वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है। बस्तर से केवल एक विधायक को शामिल करने पर कुछ सवाल जरूर उठे हैं, लेकिन पार्टी का कहना है कि आने वाले समय में और अवसर दिए जाएंगे।
📌 नए चेहरों की अहमियत
- गजेन्द्र यादव – पहली बार कैबिनेट में, उन्हें स्कूल शिक्षा का जिम्मा दिया गया है।
- गुरु खुशवंत साहेब – तकनीकी शिक्षा और रोजगार मंत्रालय मिलने से युवाओं की उम्मीदें उनसे जुड़ी हैं।
- राजेश अग्रवाल – पर्यटन और संस्कृति विभाग मिलने से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी।
📌 विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने इस विस्तार को “राजनीतिक संतुलन का खेल” बताया और कहा कि वास्तविक मुद्दों – जैसे बेरोजगारी और किसानों की समस्या – को नजरअंदाज किया गया है। वहीं सरकार का दावा है कि नया कैबिनेट सभी वर्गों के विकास के लिए समर्पित रहेगा।
📌 जनता की उम्मीदें
जनता की सबसे बड़ी उम्मीदें रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी हैं। नए मंत्रियों को इन विभागों की जिम्मेदारी मिलने से लोगों में सकारात्मक उम्मीदें जगी हैं।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार 2025 को ऐतिहासिक कहा जा सकता है। पहली बार पूरे 14 मंत्री शामिल हुए हैं। नए चेहरों को शिक्षा, रोजगार और पर्यटन जैसे अहम विभाग मिलने से यह संकेत मिलता है कि सरकार युवाओं और विकास पर फोकस करना चाहती है। आने वाले समय में इसका असर विधानसभा और निकाय चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।


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