तारीख: 23 अगस्त 2025

मॉनसून ने राज्य में रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। प्रशासन ने अगले कुछ दिनों के लिए सतर्क रहने की अपील की है।


पिछले दो दिनों हुई भारी बारिश से गोदावरी और इंद्रावती नदी उफान पर रही। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र और तेलंगाना से संपर्क टूट गया। नेशनल हाईवे 163 कई जगह पर पानी में डूब गया है, जिससे आवागमन बंद कर दिया है। रायपुर, भिलाई-दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, बालोद, बेमेतरा आदि जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। प्रदेश में अधिकतम तापमान बलरामपुर-रामानुजगंज में 32.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान दुर्ग में 19.2 डिग्री दर्ज किया गया।


रायगढ़ में हुई 90.2 मिमी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में बिलासपुर संभाग के रायगढ़ जिले में सबसे ज्यादा 90.2 मिमी बारिश हुई है। वहीं सक्ती में 56.3 मिमी, बिलाईगढ़ में 43.8 मिमी, जांजगीर-चांपा में 52.4 मिमी, बिलासपुर में 35 मिमी, मुंगेली में 21.2 मिमी, कोरबा में 25.2 मिमी, बलरामपुर-रामानुजगंज में 31.4 मिमी, सूरजपुर में 16.1 मिमी, कोरिया में 29 मिमी, मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी में 30.2 मिमी, जशपुर में 15 मिमी, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान में 16.2 मिमी, नारायणपुर में 21.3 मिमी, सुकमा में 16.7 मिमी बारिश हुई है।

इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, गरियाबंद, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, मोहला-मानपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, बेमेतरा, कबीरधाम जिले में हल्की से मध्यम बारिश हुई है।



मौसम विभाग का पूर्वानुमान

  • अगले 72 घंटों तक कई जगह भारी वर्षा की संभावना।
  • रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर, महासमुंद, जशपुर, कांकेर सहित कुल 28 जिलों में यलो और ऑरेंज अलर्ट।
  • कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज हवा चल सकती है।




नदियों का जलस्तर

  • बस्तर संभाग में छोटी-बड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
  • शबरी और गोदावरी में पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने की संभावना बताई गई है।





प्रशासन की तैयारियाँ

  • सभी कलेक्टरों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश।
  • संभावित प्रभावित जिलों में SDRF/NDRF टीमें तैनाती पर।
  • निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
  • जलभराव की स्थिति होने पर स्कूलों में छुट्टी का निर्णय जिला स्तर पर लिया जा सकता है।




किसानों के लिए सलाह

  • खेतों में निकासी नालियाँ साफ रखें, अतिरिक्त पानी रुकने न दें।
  • धान की रोपाई वाले खेतों में पानी का स्तर संतुलित रखें।
  • बीज और खाद को सूखे, ऊँचे स्थान पर सुरक्षित रखें।




सामान्य नागरिकों के लिए जरूरी निर्देश

  • बेकार में बाहर निकलने से बचें, आवश्यक हो तो ही यात्रा करें।
  • नालों, पुलियों और उफनती नदियों के पास जाने से बचें।
  • बिजली के खंभों और ढीले तारों से दूर रहें, किसी गाड़ी या भवन पर पेड़ गिरा हो तो पुलिस/डायल 112 पर सूचना दें।
  • मौसम अपडेट और जिला प्रशासन के संदेशों पर नजर रखें।





अगले तीन दिन राज्य के लिए अहम हैं। लगातार बारिश से जलस्रोत और फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन बाढ़ और जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। सतर्क रहें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

नोट: यह जानकारी 23 अगस्त 2025 की सुबह के अपडेट पर आधारित है। स्थानीय अलर्ट और परिवर्तन के लिए अपने जिला प्रशासन/मौसम विभाग की ताजा सूचना देखें।