अगस्त 2025
भारत सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025’ लागू हो चुका है। इस कानून के तहत अब देशभर में सभी रियल मनी ऑनलाइन गेम्स, जिनमें फैंटेसी स्पोर्ट्स भी शामिल हैं, पूरी तरह बैन कर दिए गए हैं।
क्यों हो रही है Dream11 Ban की चर्चा?
क्या सच में बैन होगा Dream11?
Dream11 बैन होने से यूज़र्स पर क्या असर पड़ेगा?
क्या-क्या बैन हुआ है?
- किसी भी प्रकार के पेड फैंटेसी गेम्स अब भारत में खेलना, प्रमोट करना या विज्ञापन करना गैरकानूनी होगा।
- ड्रीम11, MPL, My11Circle जैसी कंपनियों को अपने पेड कॉन्टेस्ट बंद करने पड़े हैं।
- बैंक और पेमेंट गेटवे को भी ऐसे ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने से रोक दिया गया है।
कानून तोड़ने पर सजा
- अगर कोई कंपनी या व्यक्ति इस बैन का उल्लंघन करता है तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
- बार-बार अपराध करने पर सजा और भी कड़ी होगी, जिसमें 5 साल तक की जेल और 2 करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
फैंटेसी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री पर असर
भारत की फैंटेसी स्पोर्ट्स इंडस्ट्री अरबों रुपये की थी। ड्रीम11 जैसी कंपनियां आईपीएल और टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सर तक थीं। लेकिन अब नए कानून के बाद ड्रीम11 ने 358 करोड़ रुपये के जर्सी स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट से बाहर निकलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे खेल जगत में स्पॉन्सरशिप और फंडिंग पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
पहले क्या था?
साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने फैंटेसी गेम्स को “गेम ऑफ स्किल” मानते हुए इसे जुए की श्रेणी से अलग कर दिया था। इसी वजह से ये गेम कानूनी तौर पर चलते रहे। हालांकि, कुछ राज्यों जैसे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और असम में पहले से ही इस पर रोक थी।
अब आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को झटका देगा। हजारों युवाओं की नौकरियां और निवेश प्रभावित होंगे। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड, लत और वित्तीय जोखिम को रोकने के लिए उठाया गया है।
अब भारत में किसी भी प्रकार के पेड फैंटेसी गेम खेलना या चलाना गैरकानूनी है। अगर आप फैंटेसी गेम्स खेलते हैं, तो सतर्क हो जाएं और इस कानून का पालन करें।


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