News in Hindi(हिन्दी में समाचार), Hindi News(हिंदी समाचार) देश के सबसे विश्वसनीय अख़बार पर पढ़ें ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी, ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी,हिंदी न्यूज़, ब्रेकिंग न्यूज़ ऑफ़ टुडे, हिंदी में आज की खबर सुर्खियों में, हिंदी समाचार, न्यूज़ २४, हिंदी न्यूज़ वीडियो, हिंदी लाइव,छत्तीसगढ़ी न्यूज़,लोकल न्यूज़ हिंदी

Breaking

Whatsapp link

Saturday, August 16, 2025

UPI Users सावधान! 1 अक्टूबर से नहीं कर पाएंगे पैसे मांगने की रिक्वेस्ट, पढ़ें पूरी डिटेल

 

'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या 'पुल ट्रांजेक्शन' यूपीआई का एक फीचर है, जो आपको किसी दूसरे व्यक्ति से पैसे मांगने की सुविधा देता है। मान लीजिए, आपको अपने दोस्त से 1,000 रुपये लेने है। आप अपने यूपीआई एप में जाकर दोस्त की यूपीआई आईडी डालेंगे और 1,000 रुपये की 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजेंगे।    यह विडियो भी देखें  आपके दोस्त के पास एक नोटिफिकेशन जाएगा और जैसे ही वह अपना यूपीआई पिन डालकर उसे अप्रूव करेगा, 1,000 रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। यह फीचर दोस्तों या रिश्तेदारों से बकाया पैसा याद दिलाने के लिए बनाया गया था, लेकिन जालसाजों ने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। एनपीसीआइ ने पहले भी इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की सीमा को घटाकर 2,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कर दिया था।   इससे धोखाधड़ी में काफी कमी आई थी, लेकिन जालसाज फिर भी नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे थे, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। खास बात यह है कि मर्चेंट (यानी दुकानदार और कंपनियां) पहले की तरह ही आपको कलेक्ट रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। दरअसल, जब आप ई-कॉमर्स वेबसाइट से कोई सामान खरीदते हैं और यूपीआई से पेमेंट का ऑप्शन चुनते हैं तो ये कंपनियां आपके फोन पर एक पेमेंट रिक्वेस्ट भेजती हैं।

NPCI (National Payments Corporation of India) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। 1 अक्टूबर 2025 से UPI (Unified Payments Interface) पर P2P ‘Collect Request’—जिसे 'pull लेनदेन' भी कहा जाता है—को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता दूसरों से पैसे मांग सकते थे, लेकिन इसका बढता उपयोग धोखाधड़ी (Fraud) के लिए किया जा रहा था। NPCI ने इसके खिलाफ एक निर्णायक कदम उठाया है।




क्या है P2P “Collect Request” फीचर?

यह एक ऐसा फीचर था जहाँ प्राप्तकर्ता (Receiver) पैसा भेजने वाले (Payer) से अनुरोध (Request) भेजता—यानी P2P “pull” transaction। इसके माध्यम से यूजर से डायरेक्ट पैसा मांगा जा सकता था।

'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या 'पुल ट्रांजेक्शन' यूपीआई का एक फीचर है, जो आपको किसी दूसरे व्यक्ति से पैसे मांगने की सुविधा देता है। मान लीजिए, आपको अपने दोस्त से 1,000 रुपये लेने है। आप अपने यूपीआई एप में जाकर दोस्त की यूपीआई आईडी डालेंगे और 1,000 रुपये की 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजेंगे।





आपके दोस्त के पास एक नोटिफिकेशन जाएगा और जैसे ही वह अपना यूपीआई पिन डालकर उसे अप्रूव करेगा, 1,000 रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। यह फीचर दोस्तों या रिश्तेदारों से बकाया पैसा याद दिलाने के लिए बनाया गया था, लेकिन जालसाजों ने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। एनपीसीआइ ने पहले भी इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की सीमा को घटाकर 2,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कर दिया था।

 इससे धोखाधड़ी में काफी कमी आई थी, लेकिन जालसाज फिर भी नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे थे, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। खास बात यह है कि मर्चेंट (यानी दुकानदार और कंपनियां) पहले की तरह ही आपको कलेक्ट रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। दरअसल, जब आप ई-कॉमर्स वेबसाइट से कोई सामान खरीदते हैं और यूपीआई से पेमेंट का ऑप्शन चुनते हैं तो ये कंपनियां आपके फोन पर एक पेमेंट रिक्वेस्ट भेजती हैं।



NPCI ने यह बदलाव क्यों किया?

  • फ्रॉड मामलों में तेजी से वृद्धि: धोखाधड़ी के लिए अक्सर फर्जी कलेक्ट रिक्वेस्ट का उपयोग किया जाता था। कई यूजर्स सचेत न रहते हुए पैसे भेज देते थे। 0
  • QR कोड और ‘push’ ट्रांजैक्शन्स ज्यादा सुरक्षित: इसमें पेमेंट भेजना उपयोगकर्ता की शर्त पर होता है, जिससे नियंत्रण और स्पष्टता बनी रहती है। 1
  • लोड भी कम होगा: अब सभी P2P ट्रांजैक्शन्स ‘push’ मॉडल पर होंगे, जिससे में misuse की संभावनाएं घटेंगी।


'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या 'पुल ट्रांजेक्शन' यूपीआई का एक फीचर है, जो आपको किसी दूसरे व्यक्ति से पैसे मांगने की सुविधा देता है। मान लीजिए, आपको अपने दोस्त से 1,000 रुपये लेने है। आप अपने यूपीआई एप में जाकर दोस्त की यूपीआई आईडी डालेंगे और 1,000 रुपये की 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' भेजेंगे।    यह विडियो भी देखें  आपके दोस्त के पास एक नोटिफिकेशन जाएगा और जैसे ही वह अपना यूपीआई पिन डालकर उसे अप्रूव करेगा, 1,000 रुपये आपके खाते में आ जाएंगे। यह फीचर दोस्तों या रिश्तेदारों से बकाया पैसा याद दिलाने के लिए बनाया गया था, लेकिन जालसाजों ने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। एनपीसीआइ ने पहले भी इस धोखाधड़ी को रोकने के लिए कलेक्ट रिक्वेस्ट की सीमा को घटाकर 2,000 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन कर दिया था।   इससे धोखाधड़ी में काफी कमी आई थी, लेकिन जालसाज फिर भी नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे थे, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा। खास बात यह है कि मर्चेंट (यानी दुकानदार और कंपनियां) पहले की तरह ही आपको कलेक्ट रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। दरअसल, जब आप ई-कॉमर्स वेबसाइट से कोई सामान खरीदते हैं और यूपीआई से पेमेंट का ऑप्शन चुनते हैं तो ये कंपनियां आपके फोन पर एक पेमेंट रिक्वेस्ट भेजती हैं।




शामिल ऐप्स और बदलाव की तैयारी

NPCI ने बैंक और UPI ऐप्स—जैसे PhonePe, Google Pay, Paytm—को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सिस्टम से P2P ‘Collect Request’ फीचर को हटाएँ और 1 अक्टूबर तक इसके लिए आवश्यक तकनीकी बदलाव पूरा करें। 2




क्या सेवाएँ प्रभावित नहीं होंगी?

नहीं। UPI ka “Scan and Pay” (यानी QR कोड द्वारा भुगतान), मर्चेंट पेमेन्ट्स और अन्य ‘push-based’ ट्रांजैक्शन्स इसमें शामिल नहीं हैं। ये सेवाएँ निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। 3





पिछले नियम और सीमाएं

पहले से ही NPCI ने P2P pull ट्रांजैक्शन्स पर ₹2,000 प्रति अनुरोध की सीमा लगा रखी थी, और यह टोटल P2P ट्रांजैक्शन्स का लगभग 3% से भी कम था। इस कदम से अब यह फीचर पूरी तरह से बंद हो जाएगा। 4




इसका मतलब क्या है आपके लिए?

  • अब आप किसी से पैसे माँग नहीं पाएँगे—आपको “push” यानी खुद पेमेंट भेजनी होगी।
  • फ्रॉड के असामान्य तरीके—जैसे नकली रिक्वेस्ट—अब निष्फल होंगे।
  • डिजिटल भुगतान अब और अधिक सुरक्षित और ट्रस्टेबल हो जाएगा।



NPCI का यह फैसला डिजिटल भुगतान प्रणाली को और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालाँकि यह कुछ बदलाव उत्पन्न करेगा, लेकिन हमारी सुरक्षा ज़्यादा मायने रखती है।


No comments:

Post a Comment