News in Hindi(हिन्दी में समाचार), Hindi News(हिंदी समाचार) देश के सबसे विश्वसनीय अख़बार पर पढ़ें ताज़ा ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी, ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी,हिंदी न्यूज़, ब्रेकिंग न्यूज़ ऑफ़ टुडे, हिंदी में आज की खबर सुर्खियों में, हिंदी समाचार, न्यूज़ २४, हिंदी न्यूज़ वीडियो, हिंदी लाइव,छत्तीसगढ़ी न्यूज़,लोकल न्यूज़ हिंदी

Breaking

Whatsapp link

Monday, July 6, 2020

ब्रेकिंग न्यूज़: COVID-19 के इलाज में चाय-हरड़ कारगर,IIT Delhi की रिसर्च में खुलासा

ब्रेकिंग न्यूज़: COVID-19 के इलाज में चाय-हरड़ कारगर,IIT Delhi की रिसर्च में खुलासा


हमरNews:

COVID-19, 06 July 2020

एक तरफ दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन और दवाओं की खोज ( covid-19 treatment ) और विकास के काम में जुटे हुए हैं। वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( iit delhi ) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। शोधकर्ताओं को चाय (Camellia sinensis) और हरड़ ( Terminalia chebula ) में उस तत्व की मौजूदगी का पता चला है, जो कोरोना के इलाज में एक संभावित विकल्प साबित हो सकता है।


इस अध्ययन का नेतृत्व कर रहे आईआईटी दिल्ली के कुसुमा स्कूल ऑफ बायोलॉजिकल साइंसेज के शोधकर्ता प्रो. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि उन्होंने प्रयोगशाला में कोरोना वायरस ( Coronavirus Updates ) के एक मुख्य प्रोटीन 3CL-Pro प्रोटीएज को क्लोन किया। इसके बाद टीम ने इस वायरस की गतिविधियों की गहन जांच की। इस अध्ययन के दौरान टीम ने इस वायरस प्रोटीन पर कुल 51 औषधीय पौधों का परीक्षण किया। इन विट्रो परीक्षण में टीम को ऐसे नतीजे मिले जिससे पता चलता है कि ब्लैक-टी, ग्रीन-टी और हरितकी ऐसे तत्व हैं, जो इस वायरस के मुख्य प्रोटीन की गतिविधि को बाधित कर सकते हैं।


शोधकर्ताओं ( iit delhi research ) ने बताया कि चाय (Camellia sinensis) एक महत्‍वपूर्ण बागान फसल है। इसके एक ही पौधे से ग्रीन-टी और ब्लैक-टी दोनों ही मिलते हैं। इसी तरह हरितकी जिसे हरड़ के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि ( Herbal Remedies To prevent COVID-19 ) के रूप में काफी मशहूर है।


IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं का कहना है कि वायरस का 3CL-Pro प्रोटीएज वायरल पॉलीप्रोटीन के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक है। इसलिए, यह कोरोना वायरस को लक्षित करने वाली दवाओं के विकास के लिए एक दिलचस्प आधार के रूप में उभरा है। उनका मानना है कि इस प्रोटीन को लक्ष्य बनाकर कोरोना वायरस को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।


प्रयोगशाला में किए गए इस अध्ययन के बाद चाय और हरड़ को कोरोना वायरस के संक्रमण रोकने में संभावित एजेंट के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि इस शोध के नतीजों की वैधता का परीक्षण जैविक ( Biological ) रूप से किया जा सकता है। इस अध्ययन के नतीजे रिसर्ज जर्नल फाइटोथेरेपी रिसर्च में प्रकाशित किए गए हैं। प्रोफेसर पटेल के अलावा शोधकर्ताओं की टीम में आईआईटी दिल्ली के सौरभ उपाध्याय, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, डॉ. शिव राघवेंद्र, मोहित भारद्वाज और नई दिल्ली स्थित मोरार जी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान की शोधकर्ता डॉ. मंजू सिंह शामिल रहीं।
हमरNews

No comments:

Post a Comment